
जिला रिपोर्टर सुरेश कुमार चौधरी

बलदेवगढ़ टीकमगढ़ मध्य प्रदेश
टीकमगढ़ मध्य प्रदेश*
*टीकमगढ़ पुलिस की संवेदनशील पहल—पुलिस अधीक्षक ने कार्यालय में सुनी आमजन की समस्याएं*
जिला टीकमगढ़ में पुलिस प्रशासन को अधिक *मानव-केंद्रित, सहानुभूतिपूर्ण और भरोसेमंद* बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक * आलोक कुमार* के निर्देशन में संवेदनशील पुलिसिंग की एक नई दिशा विकसित की जा रही है।
जनता की हर छोटी-बड़ी परेशानी तक पहुँचना और उसे ईमानदारी से समझना—इसी सोच के साथ जिले के प्रत्येक थाना, चौकी और जिला मुख्यालय पर *प्रत्येक मंगलवार “जनसुनवाई एवं नागरिक संवाद शिविर”* आयोजित किए जा रहे हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य है—
*“हर नागरिक को यह महसूस हो कि उसकी बात सच में सुनी और समझी जा रही है।”*
दिनांक *02 दिसम्बर 2025* को जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई शिविर में
*पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार* एवं *अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाह* ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से आए नागरिकों से शांत, धैर्यपूर्ण और आत्मीय बातचीत की।
* प्रत्येक समस्या को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना गया।
* कई शिकायतों का समाधान *वहीं पर तत्परता से* किया गया।
* जिन प्रकरणों पर विस्तृत जांच की आवश्यकता थी, उनमें *निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई* का भरोसा दिया गया।
* नागरिकों ने खुलकर अपनी परेशानियाँ रखीं और इस पहल को **सकारात्मक व आश्वस्त करने वाला** बताया।
*कार्यक्रम की विशेष झलकियाँ*
* महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजन और जरूरतमंद नागरिकों की शिकायतों को *प्राथमिकता* दी गई।
* हर आवेदन पर *मानवीय दृष्टि*, संयम और पारदर्शिता से कार्रवाई का आश्वासन।
* सभी अनुभागों में *एसडीओपी द्वारा सीधे संवाद* की व्यवस्था से नागरिकों में भरोसा और बढ़ा।
* थाना और चौकी स्तर तक जनसुनवाई पहुँचाने का प्रयास, ताकि किसी भी नागरिक को दूरी या कठिनाई बाधा न बने।
* पुलिस कार्यशैली में *संवेदनशीलता, सहयोग, जवाबदेही और विनम्रता* को केंद्र में रखा गया।
टीकमगढ़ पुलिस का लक्ष्य है कि *विश्वास, सम्मान और सहयोग* को आधार बनाकर ऐसी पुलिसिंग स्थापित की जाए जो जनता के हृदय से जुड़ी हो—
जहाँ हर व्यक्ति बिना हिचकिचाहट कह सके: *“मेरी समस्या की सुनवाई होगी, और समाधान भी मिलेगा।”*
आने वाले दिनों में *जनसुनवाई एवं नागरिक संवाद शिविरों की यह श्रृंखला* निरंतर जारी रहेगी, ताकि पुलिस और नागरिकों के बीच का रिश्ता और अधिक सहयोगपूर्ण, भरोसेमंद और मानवीय बन सके।

